परिचय

आशा शैली
जन्मः-ः 2 अगस्त 1942
जन्मस्थानः-ः‘अस्मान खट्टड़’ (रावलपिण्डी, अविभाजित भारत)
मातृभाषाः-ःपंजाबी
शिक्षा ः-ललित महिला विद्यालय हल्द्वानी से हाईस्कूल, प्रयाग महिलाविद्यापीठ से विद्याविनोदिनी,
कहानी लेखन महाविद्यालय अम्बाला छावनी से कहानी लेखन और पत्रकारिता महाविद्यालय दिल्ली से
पत्रकारिता।
लेखन विधाः-ः कविता, कहानी, गीत, ग़ज़ल, शोधलेख, लघुकथा, समीक्षा, व्यंग्य, उपन्यास,
नाटक एवं अनुवाद
भाषाः-ःहिन्दी, उर्दू, पंजाबी, पहाड़ी ;महासवी एवं डोगरीद्ध एवं ओड़िया।
नागरिकताः-ः भारतीय (हिमाचल प्रदेश/उत्तराखण्ड)
साहित्यक यात्राः-
पहली रचना-छटी कक्षा में।
पहली प्रकाशित रचना एक उर्दू ग़ज़ल सन् 1960 में दिल्ली से निकलने वाले हिन्दी मिलाप में प्रकाशित।
उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, हरियाणा, राजस्थान आदि सम्पूर्ण उत्तर
भारत ही नहीं दक्षिण भारत और अण्डमान-निकोबार आदि से भी काव्य-लेखक मंचों, आकाशवाणी
एवं दूरदर्शन आदि के द्वारा भी उनकी रचनाओं का प्रसारण। देश के हर भाग की पत्रिकाओं में रचनाएँ
देखी जा सकती हैं।
प्रकाशित पुस्तकेंः-1.काँटों का नीड़ (काव्य संग्रह, प्रथम संस्करण 1992, द्वितीय 1994, तृतीय 1997
आरती प्रकाशन)
2. एक और द्रौपदी (काव्य संग्रह 1993 तारिका प्रकाशन)
3. सागर से पर्वत तक (ओड़िया से हिन्दी में काव्यानुवादद्ध प्रकाशन वर्ष ;2001आरती
प्रकाशन द्ध
4.शजर-ए-तन्हा (उर्दू ग़ज़ल संग्रह-2001आरती प्रकाशन)
5.एक और द्रौपदी का बांग्ला में अनुवाद (अरु एक द्रौपदी नाम से 2001),
6.प्रभात की उर्मियाँ ;लघुकथा संग्रह-2005आरती प्रकाशनद्ध
7.दादी कहो कहानी ;लोककथा संग्रह, प्रथम संस्करण-2006, द्वितीय संस्करण-2009
विनायक प्रकाशन इलाहाबाद)
8.गर्द के नीचे (हिमाचल के स्वतन्त्रता सेनानियों की जीवनियाँ, प्रथम संस्करण-2007,
द्वितीय संस्करण 2014 विनायक प्रकाशन इलाहाबाद), (अमेज़न पर)
9.हमारी लोक कथाएँ, भाग एक
10.हमारी लोक कथाएँ, भाग दो
11.हमारी लोक कथाएँ, भाग तीन
12.हमारी लोक कथाएँ, भाग चार
13.हमारी लोक कथाएँ, भाग पाँच
14.हमारी लोक कथाएँ, भाग छः
15.हिमाचल बोलता है (हिमाचल कला-संस्कृति पर लेख-2009 (किताब महल प्रकाशन
इलाहाबाद)
16.सूरज चाचा (बाल कविता संकलन-2010) (विनायक प्रकाशन इलाहाबाद)
17.पीर पर्वत (गीत संग्रह-2011 आरती प्रकाशन लालकुआँ)
18.आधुनिक नारी कहाँ जीती कहाँ हारी (नारी विषयक लेख-2011 मानसी प्रकाशन दिल्ली)
19.ढलते सूरज की उदासियाँ (कहानी संग्रह-2013 आरती प्रकाशन लालकुआँ) अमेज़न पर
20.छाया देवदार की (उपन्यास-2014) ( अमेज़न पर साहित्य भण्डार इलाहाबाद)
21.द्वन्द्व के शिखर, (कहानी संग्रह 2016 आरती प्रकाशन लालकुआँ) (अमेज़न पर)
22. ‘हण मैं लिक्खा करनी’ पहाड़ी कविता संग्रह (2017 आरती प्रकाशन लालकुआँ)
23.चीड़ के वनों में लगी आग (संस्मरण-2018 साहित्य भूमि दिल्ली) उपन्यास छाया देवदार
की अमेज़न पर।
24. कोलकाता से अण्डमान तक (2019 साहित्य भूमि दिल्ली) बाल उपन्यास (अमेज़न पर)
25. इस पार से उस पार (बाल उपन्यास 2020 डायमण्ड बुक्स दिल्ली)
26.नर्गिस मुस्कुराती है (ग़ज़ल संग्रह 2020 आरती प्रकाशन लालकुआँ, अमेज़न पर)
27. मैं हिमाचल हूँ (शोध लेख अमेज़न पर)
28. भविष्य प्रश्न ;कविता संग्रह अमेज़न पर)
29. और कितनी परीक्षा (कहानी संग्रह 2021 साहित्य भूमि दिल्ली)
30- नारी संघर्ष एक चिन्तन, आलेख संग्रह। निखिल पब्लिशर 2022’
31- रतनी एवं अन्य कहानियाँ, राही प्रकाशन,  नोएडा, (2022)
32-मेरे हिस्से का सूरज (2022)
33-बटेसर की चक्की (2022)
34- नाइन टेल्स (नौ हिन्दी कहानियों का अंग्रेजी अनुवाद)
35-गर्वीला उत्तराखण्ड (इतिहास 2023) साहित्य भण्डार प्रयागराज
36- सुधि की सुगन्ध (काव्य संग्रह, अविचल प्रकाशन 2024),
37- बात हिमाचल की (ऐतिहासिक लेख संग्रह, 2024, अर्चना प्रकाशन)
38- तन जोगी मन बावरा (कहानी संग्रह, नवशिला प्रकाशन 2024)
प्रकाशनाधीन पुस्तकेंः- आरती के दिये (लघुकथा संग्रह) बाल गीत संग्रह, बच्चो सुनो व अन्य साहित्य, ग़ज़ल संग्रह, ‘पारस’ (उपन्यास), संस्मरण, समीक्षा आदि।
उपलब्धियाँः-देश-विदेश की पत्रिकाओं में रचनाएँ निरंतर प्रकाशित, 1974 से आकाशवाणी एवं 1984 से दूरदर्शन के विभिन्न केन्द्रों से निरंतर प्रसारण, भारत के विभिन्न प्रान्तों के साहित्य मंचों से निरंतर काव्यपाठ, विचार मंचों द्वारा संचालित विचार गोष्ठियों में प्रतिभागिता।
सम्मानः-उत्तराखण्ड सरकार का सम्मानित तीलू रौतेली पुरस्कार (2016) उत्तराखण्ड राज्य सम्मान। पत्रकारिता द्वारा दलित गतिविधियों के लिए अ.भा. दलित साहित्य अकादमी द्वारा अम्बेदकर फैलोशिप -1992।
साहित्य शिक्षा कला संस्कृति अकादमी परियाँवां -प्रतापगढ़ द्वारा साहित्यश्री’ 1994,।
अ.भा. दलित साहित्य अकादमी दिल्ली द्वारा अम्बेदकर ‘विशिष्ट सेवा पुरस्कार’ 1994।
शिक्षा साहित्य कला विकास समिति बहराइच द्वारा ‘काव्य श्री’, कजरा इण्टरनेशनल फ़िल्मस् गोंडा द्वारा ‘कलाश्री 1996, तीनों सम्मान एक ही मंच पर।
काव्यधारा रामपुर द्वारा ‘सारस्वत’ उपाधि 1996।
अखिल भारतीय गीता मेला कानपुर द्वारा ‘काव्यश्री’ के साथ रजत पदक 1996।
बाल कल्याण परिषद द्वारा सारस्वत सम्मान 1996,।
भाषा साहित्य सम्मेलन भोपाल द्वारा ‘साहित्यश्री’ 1996।
पानीपत अकादमी द्वारा आचार्य की उपाधि 1997।
साहित्य कला संस्थान आरा-बिहार से साहित्य रत्नाकर की उपाधि 1998।
युवा साहित्य मण्डल गा़ज़ियाबाद से ‘साहित्य मनीषी’ की मानद उपाधि 1998।
साहित्य शिक्षा कला संस्कृति अकादमी परियाँवां से आचार्य ‘महावीर प्रसाद द्विवेदी’ सम्मान 1998।
‘काव्य किरीट’ खजनी गोरखपुर से 1998, दुर्गावती फैलोशिप’, अ.भ. लेखक मंच शाहपुर जयपुर से 1999।
‘डाकण’ कहानी पर दिशा साहित्य मंच पठानकोट से 1999, विशेष सम्मान।
हब्बा खातून सम्मान ग़ज़ल लेखन के लिए टैगोर मंच रायबरेली से 2000।
पंकस (पंजाब कला संस्कृति) अकादमी जालंधर द्वारा कविता सम्मान 2000।
अनोखा विश्वास, इन्दौर से भाषा साहित्य रत्नाकर सम्मान 2006।
बाल साहित्य हेतु अभिव्यंजना सम्मान फर्रुखाबाद से 2006।
वाग्विदाम्बरा सम्मान हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग से 2006।
हिन्दी भाषा भूषण सम्मान श्रीनाथद्वारा राजस्थान 2006।
बाल साहित्यश्री खटीमा उत्तरांचल 2006।
हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग द्वारा ‘महादेवी वर्मा सम्मान’, 2007 में।
हिन्दी भाषा सम्मेलन पटियाला द्वारा हज़ारी प्रसाद द्विवेदी सम्मान 2008,
‘संवाद’ संस्था गदरपुर (उत्तराखण्ड) द्वारा ‘कथा साहित्य सम्मान’ -2009।
साहित्य मण्डल श्रीनाथद्वारा (राज) सम्पादक रत्न 2009।
दादी कहो कहानी पुस्तक पर पं. हरिप्रसाद पाठक सम्मान मथुरा,
नारद सम्मान-हल्द्वानी जिला नैनीताल द्वारा 2010।
स्वतंत्रता सेनानी दादा श्याम बिहारी चौबे स्मृति सम्मान, म.प्रदेश. तुलसी साहित्य अकादमी, भोपाल द्वारा 2010।
विक्रमशिला हिन्दी विद्यापीठ द्वारा भारतीय भाषा रत्न 2011।
उत्तराखण्ड भाषा संस्थान द्वारा सम्मान 2011।
अखिल भारतीय पत्रकारिता संगठन पानीपत द्वारा पं. युगलकिशोर शुकुल पत्रकारिता सम्मान 2012।
स्व. भगवती देवी प्रजापति हास्य-रत्न सम्मान, हल्द्वानी 2012।
साहित्य सरिता, म. प्र. पत्रलेखक मंच बेतूल।
भारतेंदु हरिश्चन्द्र समिति कोटा से साहित्यश्री सम्मान -2013।
महाराणा प्रताप संग्रहालय हल्दीघाटी से साहित्य रत्न सम्मान 2013।
विक्रमशिला विद्यापीठ द्वारा राष्ट्रगौरव सम्मान 2013।
आशा शैली के काव्य का अनुशीलन (लघुशोध, शोधार्थी मंजु शर्मा, निदेशक डॉ. प्रभा पंत-2014)।
उत्तराखण्ड बाल कल्याण साहित्य संस्थान, खटीमा (जिल ऊधमसिंह नगर) द्वारा ‘सम्पादक रत्न’ 2014।
हिमाक्षरा ;वर्धाद्ध द्वारा उपन्यास ‘छाया देवदार की’ के लिए ‘सृजन सम्मान अलंकरण’ 2014।
अखिल भारतीय भाषा साहित्य सम्मेलन भोपाल से सुमन चतुर्वेदी सम्मान।
उपन्यास ‘छाया देवदार की’ के लिए 2015, हिमाचल गौरव सम्मान बुशहर हलचल एवं बेटियाँ फाउण्डेशन रामपुर बुशहर हिमाचल प्रदेश द्वारा 2015।
बाल साहित्य हेतु ‘अभिव्यंजना सम्मान, अभिव्यंजना संस्था फर्रुखाबाद में विट्ठल भाई पटेल के कर कमलों से-2016 में।
तीलू रौतेली (उत्तराखण्ड राज्य पुरस्कार-2016)।
महिला महाशक्ति सम्मान, नया उजाला कल्याण समिति हल्द्वानी द्वारा 2016।
साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘गुंजन’ बाजपुर (उत्तराखण्ड) द्वारा ‘गुंजन श्री’ सम्मान-2016
संयोग साहित्य ‘हिन्दी त्रैमासिक मुम्बई द्वारा, ‘संयोग कथा सम्मान’ 2016।
‘ग्लोबल लिटरेरी सम्मान’, मारवाह फिल्मस् नोयडा (दिल्ली 2016)।
साहित्य महारथी सम्मान अ.भा.आध्यात्मिक संस्था काव्यधारा रामपुर, उ.प्र. 2017।
अर्णव कलश एसोसिएशन पानीपत, हरियाणा द्वारा, ‘साहित्य के दमकते दीप’ सम्मान-2017।
डॉ. परमार पुरस्कार, सिरमौर कला संगम द्वारा (2017)।
देहदानी सम्मान वैश्य महिला सम्मिति हल्द्वानी एवं नगर पंचायत लालकुआँ-2017।
कान्ता शर्मा राज्य स्तरीय सम्मान, नगरोटा, हिमाचल प्रदेश-2017।
अ. भा. सृजन सरिता परिषद् हिमाचल प्रदेश। स्वयंसिद्धा सम्मान, बूईंग वीमन फलक देहरादून द्वारा 2018।
अमर भारती दिल्ली से सरस्वती स्मृति सम्मान 20018।
प्रबुद्ध नागरिक ऐसोसिएशन ग़ज़ियाबाद द्वारा सम्मान 2019।
पहाड़ी (महासवी) कहानी ‘डाकण’ हिन्दी अकादमी द्वारा ‘हिमाचली कहानी संचयन’ पुस्तक में हिन्दी अनुवाद सहित-2019 में।
लॉयन्स क्लब नैनीताल द्वारा आर्य सम्मान 2019।
विश्व हिन्दी रचनाकार मंच द्वारा शहीद स्मृति सम्मान 2019।
अंकुर बालिका इंटर कॉलेज, जलालपुर घई में शिलांकित नामपट्ट, 2019।
पंकस अकादमी जालन्धर द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय आधी दुनिया अवार्ड 2019।
शंखनाद मीडिया विशिष्ट सम्मान (2020)।
शिल्पी चड्ढा सम्मान ‘बाल उपन्यास कलकत्ता तक’ से अण्डमान तक को, हिन्दी भवन दिल्ली-2020।
कालिंजर सृजन सम्मान, चित्रकूट -2020।
कलमवीर सम्मान, चित्रकूट, 2020।
निराला स्मृति सम्मान 2021 डलमऊ, उत्तर प्रदेश।
राजकीय महाविद्यालय सितारगंज, हिन्दी परिषद् उत्तराखण्ड द्वारा ‘हिन्दी सृजन सम्मान-2021
लोकगीतों और लोकथाओं में रामकथा का विश्व संदर्भ ग्रन्थ में दो लेख प्रकाशित। यह पुस्तक विश्व संदर्भ में अंकित हुई-2021, प्लेनरी हॉल, विज्ञान भवन, नई दिल्ली।
श्री रामकथा का विश्व संदर्भ, साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्था, उल्हासनगर, मुम्बई द्वारा उत्तराखण्ड समन्वयक पद पर चयन-2021
‘काव्यधारा हिन्दी काव्य रत्न सम्मान’ आध्यात्मिक साहित्यिक संस्था काव्यधारा रामपुर द्वारा-2021।
माता शबरी सम्मान अंतर्राष्ट्रीय कला संस्कृति न्यास द्वारा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नामांकन- 2021
जय-विजय रचनाकार सम्मान, कहानी विधा के लिए, जनवरी 2022।
साहित्य सुधा (मानद उपाधि) 2022
साहित्योदय शक्ति सम्मान  2022
शुभम् साहित्य कला एवं संस्कृति संस्था गुलावठी (बुलन्दशहर) द्वारा शुभम् रत्न सम्मान -14/9/2022
आजीवन साहित्य सेवा सम्मान (सपमि जपउम ।बीपमअमउमदज  ।ूंतक 2022) एशियन अकेडमी ऑफ आर्ट, मारवाह फिल्म सिटी के वार्षिक ग्लोबल लिटरेरी फेस्टिवल में।
‘पंजाब कला साहित्य (पंकस) अकादमी जालन्धर द्वारा विशिष्ट अकादमी अवार्ड’ 2022।
अनुवाद-
कहानी ‘प्राथमिकता’ डोगरी में श्रीमती अज़रा चौधरी द्वारा अनुवादित, ‘हाथ तो हैं न’ पंजाबी में प्रोफेसर नव संगीत सिंह द्वारा और गुजराती में श्री रजनीकान्त शाह द्वारा अनुवादित, ‘पवित्तर-अपवित्तर’ और ‘बादल छंट चुके थे’ गुजराती में रजनीकान्त शाह द्वारा अनुवादित। नौ कहानियों का अंग्रेजी अनुवाद, ‘नाइन टेल्स’ पुस्तक में देहरादून की प्रोफेसर पूजा गुप्ता द्वारा।
आध्यात्मिक काव्य धारा रामपुर (उत्तर प्रदेश) द्वारा प्रज्ञा सम्मान 2023।
लोनली मदर, माँ की कृपा, सैल्फी डे आदि फिल्मों में चरित्र अभिनेत्री का निर्वहन।
भुट्टी बुनकर सोसाइटी ‘कुल्लू’ (हिमाचल प्रदेशद्ध द्वारा पूर्व कृषि मंत्री अकदरणीय सत प्रकाश ठाकुर एवं पूर्व उपकुलपति पंत नगर के द्वारा साहित्य क्षेत्र में विशेष उपलब्धियों के लिए ‘ठाकुर वेद राम राष्ट्रीय पुरस्कार’ 11000/- की नकद राशि के साथ 2023।
पंकस ;पंजाब कला संस्कृतिद्ध अकादमी द्वारा पत्रकार शिरोमणि सम्मान (नवम्बर 2023)
सौहार्द नारी शक्ति सम्मान (सौहार्द जन सेवा समिति, हल्द्वानी, उत्तराखण्ड) 2024
राष्ट्र नारी गौरव सम्मान-2024 (समाचार क्यारी, राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र, चण्डीगढ़)
‘ऑफिशियल वर्ल्ड रिकॉर्ड स्पेन’ एवं इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड द्वारा ‘‘भारत कीर्ति अलंकरण’’ 2024,
हिम ग्रामीण विकास सम्मान (रामपुर बुशहर-हिमाचल) 2024
सम्प्रतिः-आरती प्रकाशन की गतिविधियों में अब तक सम्पूर्ण भारत के लगभग 400 लेखकों की पुस्तकों का प्रकाशन। पंद्रह वर्ष से शैलसूत्र त्रैमासिक का निरंतर प्रकाशन।
ईस्वी सन् २०२२ तक प्रकाशित पुस्तकों पर डॉ हीरा अन्ना भण्डारी द्वारा शोध, निदेशक डॉ सिद्धेश्वर सिंह, विषय आशा शैली: व्यक्तित्व और कृतित्व।
प्रधान सम्पादक, हिन्दी पत्रिका शैलसूत्र (त्रैमासिक)
स्थाई पताः-साहित्य सदन, इंदिरा नगर-2, पो. ऑ. लालकुआँ, जिला नैनीताल (उत्तराखण्ड) 262402
मो.9456717150, 7055336168,
ई मेल asha.shaili@gmail.com

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दोहे

1-राम सभी का शुभ करें, काटें सकल कलेश।
मेरा लेखन सफल हो, मंगल करें गणेश।।
2- राम-राम सबको मेरी, जितने मित्र अमित्र।
मुखपोथी पर मैं करूँ, अपने हाथ पवित्र।।
3- राम राम कहकर मिले, जग में सुजस अपार।
रे मन अब तो चेत ले, राम नाम उर धार।।
4-राम-राम श्री राम से, होता मधुर प्रभात।
एक राम का नाम ही, दिन है और है रात।।
5-राम अवधपुर है मेरा, मथुरा काशी राम।
एक राम के नाम में, मेरे चारों धाम।।
6-राम चरण की रज मिले, बढ़े मान सम्मान।
सकल जगत की सम्पदा, झुकती सन्मुख आन।।
7-राम चरण से जुड़ गया, नाता मेरा मीत।
हनुमत के आशीष से, जागी प्रीति पुनीत।।
8-राम चरण को धो रहा, निर्मल गंगा नीर।
केवट चरण निहारता, हृदय बसो रघुबीर।।
9-राम चरण रज से हुआ, निर्मल गंगा नीर।
धन्य-धन्य केवट हुआ, गले मिले रघुबीर।।
10- राम चरण में जब झुके, मितवा अपना सीस।
सकल प्रड्डति देने लगे, हो प्रसन्न आसीस।।
11- राम चरण अनुराग से, धन्य हुई यह देह।
धन्य हुआ जीवन मरण, लगा राम से नेह।।
12-राम चरण पंकज युगल, भरते हृदय सनेह।
तन की चिन्ता ना रही, मन हो गया विदेह।।
13-राम चरण को गह रहूँ, होकर परम विनीत।
रोम रोम तब ही बसे, यह इक शब्द पुनीत।।
14- राम नाम के मेंह में, भीगें चुनरी गात।
उठिये शैय्या त्यागिए, मधुमय हुआ प्रभात।।
15- राम नाम से जब जुड़े, मेरे दोनों याम।
जीवन मार्ग सुगम हुआ, मनवा है निष्काम।।
16-राम नाम रस भीगते, मेरे दोनों याम।
श्री गंगा के तीर पर, उतरे मेरे राम।।38
17-राम नाम का जो करे, सजग चित्त व्यापार।
हर भटकन से राम ही, करते उसको पार।।63
18-राम नाम रंग में रंगे, तुलसी जैसे संत।
जन-जन के मन में बसे, पाया प्यार अनंत।।71
19-राम नाम दीपक भरे उजियारे चहुँ ओर।
रजनी में चँदा बने, उगे सूर्य बन भोर।।
20-राम नाम की चहुँ दिशा, बिखरी अजब सुगंध।
सुमन कहें हँस-हँस हमें, जग मानव मति मंद।।
21-राम नाम का हृदय में, जब भरता उन्माद।
तभी हमारी लेखनी, पाती पुण्य प्रसाद।।
22- राम नाम माला धरे, हुई सुशोभित देह।
निस दिन मन को धो रहा, राम प्रेम का मेह।।
23-राम नाम अमृत सखे, यदि मिलता वरदान।
हम भी अपने जन्म पर, कर लेते अभिमान।।
24- राम नाम अमृत सखे, जी की जलन बुझाय।
नदिया-सा कब सूखता, अविरल बहता जाय।।
25-राम नाम के घन घिरे, सुखकर बहे बयार।
छककर पी लो राम रस, जीवन का आधार।।
26- राम नाम सागर महा, बूड़न की है चाह।
कितना गहरा राम रस, कौन लगाए थाह।।
27-राम नाम की मधुरता, जग में है अनमोल।
हिय की बगिया महकती, जिय क्यों जाता डोल।।
28- राम नाम से ही मिली, जीवन को पहचान।
राम-राम कहते हुई, ऊँची बहुत उड़ान।।
29- राम नाम ले कीजिए, इक पल करुण पुकार ।
दौड़ पड़े बैकुंठ से, कैसे न सरकार।।
30-राम नाम के घन गगन, सिर पर तने वितान।
इस अम्बर की छाँव में, फूले-फले जहान।।
31- राम नाम पूंजी सखे, आँचल लेहु सँभार।
कैसा भी भवसिंधु हो, उतर जाओगे पार।।
32-राम नाम का दीप इक, मन महुँ लेहु उजार।
मोह लोभ भ्रम जाल ते, जन कहुँ लेहि निकार।।
33- राम नाम के बिन सखे, आन बसा अवसाद।
जिव्हा राम पुकार ले, छूटे सकल विषाद।।
34-राम नाम उर में बसे, दीप जले चहुँ ओर।
मिटता तम अज्ञान का, खिले सुहानी भोर।।
35-राम नाम दीपक बने, श्र(ा बने सनेह। ;तेलद्ध ।
घर आँगन उपवन बने, रहे महकता गेह।।
36-राम नाम हीरा मिला, कौन दे सके मोल।
सेवा दे दो द्वार की, ये शबरी के बोल।।
37-राम नाम हीरा मिला, कौन लगावे मोल।
साँस-साँस रसना रटो, मधुर अमियमय बोल।।
37- राम नाम ने जब दिया, जीवन को आधार।
मित्रों संग हँस बोल कर, किये बयासी पार।।
38-राम नाम घन गरजते, सुख का बरसे मेह।
धरती शृंगारित हुई, हुई सुहागन देह।।
39- राम नाम आधार से, बनो इन्द्रजित मीत।
शुभ लक्षण का लक्ष्मण, करे राम से प्रीत।।
40- राम नाम का रंग ले, नाम गुलाल अबीर।
तन को मीरा कर दिया, मन हो गया कबीर।।
41- राम नाम वट वृक्ष ले, मन में जब आकार।
छाया घनी सुखद मिले, रहिए पाँव पसार।।
42-राम नाम मनका मिला, मुदित रहा मन फेर।
सुन ली मेरे राम ने, आर्त हृदय की टेर।।
43- राम नाम वंदन नमन, श्वास का आवन जान।
राम नाम जीवन बना, अब कैसा अवसान।।
44- राम नाम के फल लगे, झुकती मन की डार।
लोभ मोह के कीट से, लेते राम उबार।।
45- राम नाम की लौ लगे, सफल जन्म कर मान।
राम नाम से ही सखे, जग में है सम्मान।।
46- राम नाम मन्दाकिनी, कलकल बहता नीर।
श्रवण मेरे ध्वनि पी रहे, तट पर धारे धीर।।
47-राम नाम का चहुँ दिशा, दिया सुनाई नाद।
ठोक-पीटकर काढ़ दे, मन से सब अवसाद।।
48-राम नाम का सुख सखे, कैसे बरने कौन।
मन आनन्द मगन हुआ, अधर हो गये मौन।।
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49-राम नाम मणिदीप है, मोल लगावे कौन।
साँस साँस रसना रटो, रहो अन्यथा मौन।।
50-;राम नाम महिमा अमित, राम अनन्त अगाध।
राम नाम सुमिरन बिना, यह जीवन अपराध।।
51- राम नाम से जब जुड़े, घनी जीव की प्रीत।
सब जग बनता राममय, सारा जग ही मीत।।
52-राम नाम को सिमरते, तन मन जाता झूम।
रे मन सारे जगत में, राम नाम की धूम।।
53-राम नाम का आसरा, गुरु का आशिवार्द।
थके युगों के जीव के, मिटते सभी विवाद।।
54-राम नाम से क्या बड़ा, क्या हरि नाम समान।
गली गली में पूछती, मैं अति मूढ़ अजान।।
55-राम नाम से क्या बड़ा, थके शास्त्र सब शोध।
ज्ञानी अज्ञानी बने, करता कौन प्रबोध।।
56- राम नाम मुख से कहें, सुख उपजे चहुंओर।
बीत जाय दुख की निशा, खिले सुहानी भोर।।
57- राम नाम बंधन परे, सुख उपजे चहुं ओर।
जग के बंधन जीव का, छू नहीं पाते छोर।।
58-राम नाम उबटन लगे, निखरे हरइक अंग।
मन का मैलापन मिटे, राम नाम के संग।।
59- राम नाम का रंग ले, नाम गुलाल अबीर।
तन को मीरा कर दिया, मन हो गया कबीर।।
60- राम नाम वट वृक्ष ले, मन में जब आकार।
छाया घनी सुखद मिले, रहिए पाँव पसार।।
61- राम नाम वंदन नमन, श्वास का आवन जान।
राम नाम जीवन बना, अब कैसा अवसान।।
62- राम नाम के फल लगे, झुकती मन की डार।
लोभ मोह के कीट से, लेते राम उबार।।
63- राम नाम का बिम्ब भी, मन पर यदि पड़ जाय।
सुख दुनिया के राम बिन, कैसे सखा सुहाय।।
64- राम नाम के बिन सखे, आन बसा अवसाद।
जिव्हा राम पुकार ले, छूटे सकल विषाद।।
65- राम नाम का धन मिला, दोनों हाथ बटोर।
इस माया का अन्त क्या, जिसे न लूटे चोर।।
66-राम नाम का दीप इक, मन महुँ लेहु उजार।
मोह लोभ भ्रम जाल ते, जन कहुँ लेहिं निकार।।
67- राम नाम नवनीत है, मिला हमें अनमोल।
मिटी हृदय की रुक्षता, सुन संतों के बोल।।
68- राम नाम सुखकर सखे, जिस पल भी मिल जाय।
अमृत की नदिया बहे, अविरल बहती जाय।।
69- राम नाम आसव महा, रग रग भरता ओज।
यदि दृढ़ होकर पकड़ लो, हरि के चरण-सरोज।।
70- राम नाम की छाँव में, जो पलते दिन रैन।
उन के आगे सूर्य के, क्यों हो टेढ़े नैन।।
71- राम नाम मन रंग गया, चढ़े न दूजा रंग।
पल-पल अधिक उछाह है, पल-पल अधिक उमंग।।
72- राम नाम की गूंज से, उठा गगन में शोर।
प्रेम मगन मन नाचता, होकर भाव विभोर।।
73- राम नाम मनका सखे, बना कण्ठ का हार।
पग पग पर रघुवीर ही, करते बेड़ा पार।।
74- राम नाम दीक्षा मिले, गुरु का हो आदेश।
जन के माया मोह का, संकट रहे न शेष।।
75- राम नाम की हो रही, जग में जय जयकार।
दानव दल अकुला रहा, मिथ्या करे प्रचार।।
76-राम नाम मन रंग गया, चढ़े न दूजा रंग।
पल पल अधिक उछाह है, पल पल अधिक उमंग।।
77- राम नाम के घन घिरे, हुई भोर ही साँझ।
मगन मयूरा नाचता, मन में बजती झाँझ।।
78- राम नाम आसव पिये, बढ़ता अधिक विवेक।
जन के मन आकाश पर, खुलते द्वार अनेक।।
79-राम नाम गुण गान कर, शमन विपत हो जाय।
दुविधा से निस्तारण का, है यह सहज उपाय।।
80- राम नाम के पथ्य का, जो करले उपभोग।
जीवन भर उसको सखे, लगे न कोई रोग।।
81- राम नाम से कर चलूँ, श्वासों का अनुबन्ध।
जग में आना सफल हो, जीवन बने सुगन्ध।।
82-राम नाम की गूंज से, भरे धरा आकाश।
राम राज्य का जग उठा, फिर मन में विश्वास।।
83- राम नाम रसधार में, जब हम डूबें मीत।
तब ही जीवन सफल है, जागे सच्ची प्रीत।।
84- राम नाम धुन नाद से, मिटते सकल विकार।
राम हृदय में जब बसें, सपने हों साकार।।
85- राम राम श्री राम से, होता मेरा प्रभात।
एक राम का नाम ही, दिन है और है रात।।
86- राम नाम रस भीगते, मेरे चुनरी गात।
मेरे आँगन हो रही, खुशियों की बरसात।।
87- राम नाम की आँच पा, खिलता जग का रूप।
कौन घड़ी जो छू सके, जन को दुख की धूप।।
88- राम नाम की विश्व में, मची अनोखी धूम।
यह आसव जिसने पिया, रहा सदा ही झूम।।
89- राम नाम दीक्षा मिले, गुरु का हो आदेश।
जन के माया मोह का, संकट रहे न शेष।।
90- राम नाम का ओज ही, मुख पर छाता जाय।
राम नाम अमृत मेरे, जिय को रहा अघाय।।
91- राम नाम वट वृक्ष की, घनी घनेरी छाँव।
बैठ गईई तरु तर अचल, छूटा दुख का गाँव।।
92- राम नाम गौरव मेरा, राम ही मेरा गर्व।
राम नाम से ही मेरा, हर दिन होता पर्व।।
93- राम नाम बंधन परे, भव बंधन दे काट।
शूल भरा पथ छोड़कर, मिले सुगम इक बाट।।
94- राम नाम सबसे बड़ा, बड़ा है इससे कौन।
चार वेद जब गा थके, हार हो गघ्ए मौन।।
95- राम नाम दीपावली, राम ही भैया दूज।
मैंने सब कुछ पा लिया, एक राम को पूज।।
96- राम नाम अमृत पिये, मिटे जुगों की प्यास।
दिन-दिन फिर बढ़ने लगे, राम मिलन की आस।।
97- राम नाम की सुन सखे, महिमा अपरम्पार।
मन में तो खोजा नहीं, भ्रमित फिरे संसार।।
98-राम नाम का आसरा, करता सारे काम।
थके युगों के जीव को, देता है विश्राम।।
99- राम नाम आसव पिये, बढ़ता अधिक विवेक।
जन के मन आकाश पर, खुलते द्वार अनेक।।
100- राम नाम बिन हो गये, फीके सब रस रंग।
राम मिलन ही शुभ मिलन, तन मन भरे उमंग।।
101- राम नाम बंधन परे, भव बंधन दे काट।
शूल भरा पथ छोड़कर, मिले सुगम इक बाट।।