welcome to the  poetry   world of Dr. Ravi Ghayal
 
डॉ. रवि घायल की कविता
की दुनिया में आपका स्वागत है

Generic selectors
Exact matches only
Search in title
Search in content
Post Type Selectors

© इस पृष्ठ की समस्त बौद्धिक संपदा अधिकार ‘डॉ. रवि घायल के पास सुरक्षित हैं। बिना पूर्व लिखित अनुमति के किसी भी भाग की अनुकरण, पुनर्प्रकाशन या वितरण प्रतिबंधित है।

“© Copyright of this page is held by Dr. Ravi Ghayal. All rights reserved.”

परिचय

19 नवम्बर 1955 को सचदेवा(अरोड़ा) परिवार में अबोहर पंजाब में जन्म लिया। माता-पिता ने नाम रखा था रवि कान्त सचदेवा मगर आजकल डॉ. रवि ‘घायल’ के नाम से जाना जाता हूं। 1969 में पहली कविता लिखी और फिर सिलसिला शुरू हो गया। पंजाब यूनिवर्सिटी द्वारा बहुत सी रचनाएं पुरस्कृत हुईं। सात काव्य संग्रह; एहसास  पन्नों पर,  तहरीर-ए-जज़्बात, बा-नूर, बे-नूर, ता-हद-ए-नज़र, शब्ब-ए-महताब और झंकार दिल के तारों की प्रकाशित हो चुके हैं। हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग में अनेकों बार काव्यपाठ करने व व्याख्यान देने का अवसर प्राप्त हुआ व इनके ग्रन्थों में की बार प्रकाशित भी हुआ। हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा ही ‘आचार्य’ की मानदेय उपाधि से विभूषित किया गया। केन्द्रीय सचिवालय हिंदी परिषद का उत्तर भारत का संयोजक रहा व इसी परिषद् द्वारा वर्ष 1989 के लिए अखिल भारतीय हिन्दी सेवा सम्मान से केन्द्रीय मंत्री पी० उपेन्द्र द्वारा सम्मानित किया गया। लगभग 700 कवि सम्मेलनों व अन्य मन्चों पर काव्य पाठ व व्याख्यान देने, मंच संचालन आदि का अवसर प्राप्त हुआ। रेडियो पर भी प्रसारण हुए। साधना टीवी, jio tv, Zee tv आदि पर भी साक्षात्कार व काव्यपाठ करने का अवसर मिला। रेकी मास्टर भी हूं। अरोड़ा विकास मंच का अंतैराष्ट्रीय अध्यक्ष हूं। SSA University Portland USA से Doctorate of Literature तथा Doctorate of Philosophy किया। मरणोपरांत अंगदान व देह दान किया हुआ है व अन्य 15-20 लोगों को प्रेरणा दे कर करवाया हुआ है। 2024 के अंतरराष्ट्रीय हिन्दी काव्य रत्न सम्मान से नवाजा गया।
सफर अभी भी जारी है। देखो ज़िन्दगी कहां तक ले जाती है। इस सफर में मेरे श्रोताओं व पाठकों की अहम भूमिका है, जिनके प्रोत्साहन व शाबाशी के बिना यहां तक पहुंचना असम्भव था और आगामी सफर भी असम्भव ही होगा। अतः मैं अपने सभी श्रोताओं व पाठकों का हृदय तल से आभार व्यक्त करता हूं।
इसके अतिरिक्त अरोड़ा विकास मंच जिसका मैं अंतरराष्ट्रीय चेयरमैन हूं के द्वारा किए जा रहे कार्य:
137 गरीब कन्याओं की शादी करवाई (इसमें से 17 कन्याओं की शादी का खर्च मैंने उठाया।)
इस वर्ष अबतक 548 गरीबों को रजाइयां भेंट की गईं और ये कार्यक्रम पिछले कई वर्षों से चल रहा है।
लगभग 2-3 हजार गरीब छात्रों को उनके स्कूल-कॉलेज की फीस दे कर पढ़ाया
गरीब छात्रों को मुफ्त कम्प्यूटर कोर्स करवाया जाता है।
128 गरीब लोगों को मासिक दवाइयों का खर्च वहन किया जाता है।
मुफ्त marriage beuro चल रहा है जिसकी website भी है।
एक और प्रोजेक्ट प्रोजैक्ट मुस्कान के अंतर्गत अरोड़ा बुक बैंक जरूरतमंद बच्चों की मदद कर रहा है।
इसके अतिरिक्त अन्य कई समाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किये जाते हैं।
डॉ. रवि ‘घायल’
अबोहर पंजाब
अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष, अरोड़ा विकास मंच
निदेशक, कशिश काव्य मंच
अध्यक्ष, काव्य रसिक संस्थान (पंजाब एवं हरियाणा)
अंतरराष्ट्रीय हिन्दी काव्य रत्न
महादेवी वर्मा रत्न
भारत गौरव रत्न सम्मान
काव्य शिरोमणि
हिन्दी श्री सम्मान से सम्मानित
अखिल भारतीय हिन्दी सेवा सम्मान 1989
राब्ता काव्य शिरोमणि सम्मान
अटल बिहारी वाजपेई स्मृति सम्मान
पंडित मदनमोहन मालवीय स्मृति सम्मान
लक्ष्मी श्री सम्मान से सम्मानित
पुरुष शक्ति श्री सम्मान 2024
महात्मा गांधी श्री सम्मान से सम्मानित
स्वर्णिम सरस्वती समृद्धि सम्मान 2024
हिन्दी के सशक्त हस्ताक्षर सम्मान 2024
भारत युवा गौरव रत्न सम्मान 2024
युवा संसद पुरुष शक्ति सम्मान 2024
वरिष्ठ श्रेष्ठ साहित्यकार
साहित्य समृद्धि सम्मान 2024